Chaibasa Kolhan Univesity-कोल्हान विश्वविद्यालय में कल्चर दिवस कार्यक्रम का अभ्यास, विद्यार्थियों को दी गई सांस्कृतिक परंपराओं के बारे में जानकारी

Singhbhum Times Avatar
Chaibasa Kolhan Univesity-कोल्हान विश्वविद्यालय में कल्चर दिवस कार्यक्रम का अभ्यास, विद्यार्थियों को दी गई सांस्कृतिक परंपराओं के बारे में जानकारी
खबर को शेयर करे

चाईबासा : कोल्हान विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय व जनजातीय भाषा विभाग में शनिवार को कल्चर दिवस कार्यक्रम का अभ्यास किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न लोक गीतों पर नृत्य कर अभ्यास किया। साथ ही सांस्कृतिक परंपरा को लेकर शिक्षकों ने विद्यार्थियों के साथ संवाद भी किया। किस तरह से अपनी भाषा संस्कृति को बचाने के टिप्स दिए गए।

हो भाषा के शिक्षक बसंत चाकी ने कहा कि अपनी भाषा को बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। परंपरा, रीति-रिवाज को बचाए रखने के लिए प्रत्येक सप्ताह कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। प्रत्येक सप्ताह शनिवार को इसके लिए अलग से ही कल्चर से संबंधित कक्षाएं ली जाती हैं। इसमें विभिन्न पर्व व त्योहार, वाद्य यंत्र के बारे में बताया जाता है।

कुड़माली शिक्षक सुभाष चंद्र महतो ने कहा कि इस दिन सभी विद्यार्थियों का आना अनिवार्य होता है। सभी विद्यार्थी अपनी पारंपरिक वेशभूषा के साथ इस कक्षा में शामिल होते हैं, ताकि अपनी परंपरा और रीति-रिवाज को बरकरार रख सकें। उन्होंने कहा कि इसको लेकर अलग से विद्यार्थियों को परीक्षा में अंक भी प्रदान किया जाता है।

मौके पर हो विषय से आनंद कुमार हेम्ब्रम, कुड़माली विषय की पद्मावती महतो, गोनो अल्डा, जुनिता बिरुवा के अलावा काफी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी भाषा और संस्कृति के बारे में जागरूक करना है। साथ ही उन्हें अपनी भाषा और संस्कृति को बचाने के लिए प्रेरित करना है।

इसे भी पढ़े-Chaibasa Kolhan Univesity-कोल्हान विश्वविद्यालय में संस्कृत सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता, जैमिनी वर्ग प्रथम

Girl in a jacket

Discover more from SINGHBHUM TIMES

Subscribe to get the latest posts to your email.

Leave a Reply

Author Profile
Singhbhum Times Logo
Singhbhum Times

SINGHBHUM TIMES

Remember, knowledge is power, and we empower you with the facts you need to stay informed.

Search

Discover more from SINGHBHUM TIMES

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading