Swami Vivekanand-स्वामी विवेकानंद: एक प्रेरणादायक जीवन

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स्वामी विवेकानंद, 12 जनवरी 1863 को कलकत्ता (अब Kolkata) में जन्मे नरेंद्रनाथ दत्त, जिन्हें हम स्वामी विवेकानंद के नाम से जानते हैं, एक विद्वान और विचारशील व्यक्ति थे। वे बचपन से ही जिज्ञासु और बुद्धिमान थे, और विभिन्न विषयों में रुचि रखते थे। दर्शनशास्त्र, धर्म, साहित्य, विज्ञान और इतिहास में उनकी गहरी रुचि थी।

नरेंद्रनाथ ने प्रेसीडेंसी कॉलेज, कलकत्ता से दर्शनशास्त्र में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। वे पश्चिमी विचारों और दर्शन से प्रभावित थे, और उन्होंने जॉन स्टुअर्ट मिल, हर्बर्ट स्पेन्सर, और डेविड ह्यूम जैसे विचारकों का अध्ययन किया।

1881 में, नरेंद्रनाथ 18 वर्ष की आयु में रामकृष्ण परमहंस से मिले। वे तुरंत उनके आध्यात्मिक ज्ञान और करुणा से आकर्षित हुए और उनके शिष्य बन गए। रामकृष्ण परमहंस ने उन्हें ‘विवेकानंद’ नाम दिया, जिसका अर्थ है ‘ज्ञान का आनंद’।

Swami Vivekanand-स्वामी विवेकानंद: एक प्रेरणादायक जीवन
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1893 में, स्वामी विवेकानंद शिकागो में आयोजित विश्व धर्म सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए गए। उन्होंने वेदांत दर्शन के बारे में एक शानदार भाषण दिया, जिसने पश्चिमी दुनिया को हिंदू धर्म की गहराई और समृद्धि से परिचित कराया। उनके भाषण को खड़े होकर तालियां बजाई गईं और उन्हें ‘भारत का युवा स्वामी’ के रूप में जाना जाने लगा।

1897 में, स्वामी विवेकानंद ने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की। यह एक धार्मिक और सामाजिक संगठन है जो रामकृष्ण परमहंस की शिक्षाओं का प्रचार करता है और गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा करता है। रामकृष्ण मिशन आज भी दुनिया भर में सक्रिय है और सामाजिक और आध्यात्मिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

Swami Vivekanand-स्वामी विवेकानंद: एक प्रेरणादायक जीवन
Swami Vivekanand-स्वामी विवेकानंद: एक प्रेरणादायक जीवन

स्वामी विवेकानंद एक प्रेरक वक्ता और लेखक थे। उन्होंने कई पुस्तकें और लेख लिखे, जिनमें ‘राजयोग’, ‘कर्मयोग’ और ‘ज्ञानयोग’ शामिल हैं। उनके विचारों ने लाखों लोगों को प्रेरित किया है, और वे आज भी प्रासंगिक हैं।

स्वामी विवेकानंद ने भारत और दुनिया भर में लोगों के जीवन पर गहरा प्रभाव डाला है। उन्होंने हिंदू धर्म को पुनर्जीवित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और वेदांत दर्शन को पश्चिमी दुनिया में लोकप्रिय बनाया। वे आज भी प्रासंगिक हैं और उनका जीवन और विचार लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं.

  • आध्यात्मिकता: स्वामी विवेकानंद एक महान आध्यात्मिक गुरु थे। उन्होंने वेदांत दर्शन का गहन अध्ययन किया और लोगों को आत्म-साक्षात्कार का मार्ग दिखाया।
  • राष्ट्रवाद: स्वामी विवेकानंद एक महान देशभक्त भी थे। उन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और भारतीयों में आत्म-विश्वास और राष्ट्रवाद की भावना जगाई।
  • सामाजिक सुधार: स्वामी विवेकानंद जातिवाद और अस्पृश्यता जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ थे। उन्होंने समाज में समानता और न्याय स्थापित करने के लिए काम किया।
  • शिक्षा: स्वामी विवेकानंद शिक्षा के महत्व पर बल
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