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हरियाणा और पंजाब में पराली जलाने को लेकर आरोप प्रत्यारोप

हरियाणा और पंजाब में पराली जलाने को लेकर आरोप प्रत्यारोपहरियाणा और पंजाब में पराली जलाने को लेकर आरोप प्रत्यारोप
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गुरुग्राम, 27 अक्टूबर 2023 – हरियाणा और पंजाब में पराली जलाने को लेकर विवाद बढ़ गया है। हरियाणा और पंजाब की सरकारों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के ओएसडी जवाहर यादव ने आरोप लगाया कि पंजाब में हरियाणा के मुकाबले दोगुने से ज्यादा पराली जलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि नासा के आंकड़े स्पष्ट रूप से दिखाते हैं कि पंजाब में पराली जलाने की घटनाएं बढ़ रही हैं।

यादव ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पराली जलाने के मुद्दे पर चुप हैं, जिससे यह लगता है कि उनके पास कुछ छिपाना है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार पराली जलाने को रोकने में विफल रही है।

पंजाब के मंत्री ब्रह्म शंकर शर्मा जिम्पा ने कहा कि हरियाणा दिल्ली के सबसे नजदीक है। हरियाणा से प्रदूषण सबसे पहले दिल्ली पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि उनके पास डेटा है कि पंजाब में इस बार पराली जलाने के मामले 50% कम हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने इसपर काम किया है।

पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि पिछले साल पंजाब सरकार ने बायो डीकंपोजर के लिए दिल्ली सरकार के साथ समझौता किया था। उन्होंने पूछा कि अब तक पंजाब में कितने एकड़ में बायो-डीकंपोजर का इस्तेमाल किया गया है? उसके परिणाम बताएं?

हरियाणा और पंजाब दोनों सरकारें पराली जलाने को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई कर रही हैं। हरियाणा सरकार ने पराली जलाने वालों पर जुर्माना लगाने के अलावा, किसानों को पराली को मिट्टी में मिलाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं।

पंजाब सरकार ने भी पराली जलाने को रोकने के लिए कानून बनाया है। इस कानून के तहत पराली जलाने वालों को जुर्माना और जेल की सजा हो सकती है।

पंजाब में पराली जलाने से हर साल वायु प्रदूषण बढ़ता है। इस प्रदूषण से दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में लोगों को सांस लेने में दिक्कत होती है।

मुख्य बिंदु:

  • हरियाणा और पंजाब की सरकारें पराली जलाने को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगा रही हैं।
  • हरियाणा का कहना है कि पंजाब में हरियाणा के मुकाबले दोगुने से ज्यादा पराली जलाई जा रही है।
  • पंजाब का कहना है कि हरियाणा से दिल्ली तक पहुंचने में प्रदूषण बढ़ता है।
  • पंजाब सरकार ने दावा किया है कि इस बार पराली जलाने के मामले 50% कम हुए हैं।
  • पंजाब भाजपा अध्यक्ष ने सवाल उठाया है कि पिछले साल पंजाब सरकार ने बायो डीकंपोजर के लिए दिल्ली सरकार के साथ समझौता किया था, लेकिन अब तक कितने एकड़ में इसका इस्तेमाल किया गया है?

विवाद के मुख्य बिंदु:

  • हरियाणा के ओएसडी जवाहर यादव ने आरोप लगाया कि पंजाब में हरियाणा के मुकाबले दोगुने से ज्यादा पराली जलाई जा रही है।
  • पंजाब के मंत्री ब्रह्म शंकर शर्मा जिम्पा ने कहा कि हरियाणा से प्रदूषण सबसे पहले दिल्ली पहुंचेगा।
  • पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने पूछा कि पंजाब में बायो-डीकंपोजर का इस्तेमाल कितना हुआ है?

विवाद के संभावित परिणाम:

  • विवाद बढ़ने से दोनों राज्यों के बीच तनाव बढ़ सकता है।
  • विवाद से वायु प्रदूषण को कम करने के लिए दोनों राज्यों के बीच सहयोग में बाधा आ सकती है।
  • विवाद से किसानों को आर्थिक नुकसान हो सकता है।

विवाद के बारे में क्या कहते हैं विशेषज्ञ:

  • पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि पराली जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है, जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत होती है।
  • विशेषज्ञों का कहना है कि पराली जलाने को रोकने के लिए किसानों को जागरूक करने और उन्हें पराली को मिट्टी में मिलाने के लिए प्रोत्साहित करने की जरूरत है।

विवाद पर आपकी क्या राय है?

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