Breaking News
Thu. Apr 25th, 2024

घर में चल रहा था साइबर ठगी का कॉल सेंटर, गर्भवती महिलाओं को बनाते थे निशाना, 9 गिरफ्तार

घर में चल रहा था साइबर ठगी का कॉल सेंटर, गर्भवती महिलाओं को बनाते थे निशाना, 9 गिरफ्तारघर में चल रहा था साइबर ठगी का कॉल सेंटर, गर्भवती महिलाओं को बनाते थे निशाना, 9 गिरफ्तार
खबर को शेयर करे

गिरिडीह, 9 अक्टूबर 2023: झारखंड के गिरिडीह जिले में पुलिस ने साइबर अपराधियों के एक मिनी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 9 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।

गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शर्मा ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि पचम्बा थाना क्षेत्र के बोड़ो में स्थित बलदेव यादव के नवनिर्मित मकान में साइबर अपराधी अपराध कर रहे हैं। इस सूचना के आधार पर साइबर थाना के पुलिस पदाधिकारी संदीप सुमन के नेतृत्व में टीम गठित कर छापेमारी की गई।

छापेमारी में 7 साइबर अपराधी को बलदेव यादव के नवनिर्मित मकान से गिरफ्तार किया गया। बाद में इनकी निशानदेही पर बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले व पैसों की निकासी करने वाले अन्य 2 अपराधियों को मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के बनियाडीह व बेंगाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम सोनबाद से गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार अपराधियों में जमुआ थाना क्षेत्र का बेहराडीह निवासी 20 वर्षीय निलेश कुमार मण्डल, मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के केरहारी का निवासी 19 वर्षीय मोहन कुमार मण्डल, मुफ्फसिल थाना क्षेत्र का सिहोडीह निवासी 19 वर्षीय रूद्र कुमार उर्फ रॉकी, बेंगाबाद थाना क्षेत्र के बनहती निवासी 19 वर्षीय महेन्द्र सिंह, बेंगाबाद के नईयाडावर निवासी 28 वर्षीय मोतीलाल किस्कू, बेंगाबाद के सोनबाद निवासी 20 वर्षीय नीरज कुमार तुरी, जामताड़ा नारायणपुर के मिरगा निवासी 24 वर्षीय अशोक कुमार, मुफ्फसिल क्षेत्र के बनियाडीह गांधीनगर का 50 वर्षीय नागेश्वर दास व बेंगाबाद सोनबाद निवासी 32 वर्षीय महेन्द्र मण्डल शामिल है।

पुलिस ने गिरफ्तार सभी अपराधियों के पास से 16 मोबाइल, 25 सिम, 4 एटीएम, 6 पासबुक, 2 चेकबुक, 3 क्यूआर कोड व 2 बाइक बरामद किया है।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों ने अपने स्वीकारोक्ति बयान में बताया कि वे साइबर ठगी करने में गर्भवती महिलाओं के मो नं० पर कॉल कर उन्हें मातृत्व लाभ राशि के रूप में 6300 रूपये दिलाने का झांसा देकर रिमोर्ट एक्सेस ऐप – एप्लेमिक्स, एनी डेस्क, टीम व्यूवर आदि का लिंक भेजकर इंस्टॉल करवा कर ठगी करते हैं। ये लोग रैंडम नम्बरों पर सीरियल कॉलिंग कर बिजली विभाग का फर्जी अधिकारी बनकर बकाया बिजली का भुगतान करने के लिए कहते हैं, अन्यथा बिजली का कनेक्शन काटने का बात कहकर डराते हैं। उसके बाद झांसे में लेकर रिमोर्ट एक्सेस ऐप एप्लेमिक्स, एनी डेस्क, टीम व्यूवर आदि का लिंक भेजकर इंस्टॉल करवा कर ठगी करते हैं।

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि साइबर अपराध को रोकने के लिए गिरिडीह पुलिस ने एक होर्डिंग बनाया है। इस होर्डिंग को विभिन्न चौक चौराहों पर लगाया जाएगा, जिसमें लिखा रहेगा की ‘क्या करना है’ और क्या नहीं करना है’ उन्होंने बताया कि इसको लेकर शहर के चौक चौराहों पर फ्लैग और पोस्टर लगाया जाएगा ताकि आम लोग साइबर का शिकार न हो पाएं।

साइबर अपराध से बचने के लिए कुछ सुझाव:

  • किसी भी अनजान व्यक्ति से पैसे या निजी जानकारी शेयर न करें।
  • किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी जांच अवश्य कर लें।
  • अपने कंप्यूटर या मोबाइल फोन को अपडेट रखें।
  • एक मजबूत पासवर्ड का प्रयोग करें।
  • दो-कारक प्रमाणीकरण का उपयोग करें।
  • अपने बैंक खाते की गतिविधियों पर नियमित रूप से नजर रखें।
  • किसी भी संदिग्ध गतिविधि के बारे में तुरंत बैंक को सूचित करें।

इसे भी पढ़े-धनबाद में उत्पाद विभाग की रैड अवैध शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़, 495 लीटर शराब बरामद

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *