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घाटशिला : मुसाबनी में हाई टेंशन तार की चपेट में आया हाथियों का झुंड, पांच हाथियों की मौत

घाटशिला : मुसाबनी में हाई टेंशन तार की चपेट में आया हाथियों का झुंड, पांच हाथियों की मौतघाटशिला : मुसाबनी में हाई टेंशन तार की चपेट में आया हाथियों का झुंड, पांच हाथियों की मौत
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घाटशिला, 21 नवंबर 2023: झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के मुसाबनी वन क्षेत्र में सोमवार देर रात 33000 वोल्ट की चपेट में आया हाथियों का झुंड पांच हाथियों की मौत हो गई। ये हाथी 33 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गए थे।

जानकारी के मुताबिक, हाथियों का एक झुंड सोमवार की रात से ही मुसाबनी वन क्षेत्र में घूम रहा था। वन विभाग की टीम ने भी हाथियों को पकड़ने के लिए सर्च अभियान चलाया था। इसके बावजूद पांच हाथियों की मौत करंट लगने से होना वन विभाग और विद्युत विभाग की पूरी तरह लापरवाही को दर्शाता है।

मरने वाले हाथियों में बच्चे और व्यस्क हाथी शामिल हैं। हाथियों की मौत की सूचना मिलने पर ग्रामीणों ने इसकी जानकारी वन विभाग को दी। मौके पर बीडीओ, पूर्व विधायक, घाटशिला जिला परिषद सदस्य, रेंजर, एचसीएल आईसीसी के अधिकारी सहित काफी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुटी थी।

वन विभाग और विद्युत विभाग ने कई घंटे तक हाथियों की मौत की घटना की जानकारी दबाए रखा। मंगलवार को लगभग 12 बजे ग्रामीणों ने हाथियों के झुंड को भगाने के दौरान हाथियों के शव को जंगल में पड़ा हुआ देखा। इसके बाद यह घटना का लोगों को पता चल गया।

इस घटना के बाद एचसीएल कंपनी, प्रशासनिक अधिकारी, वन विभाग, और विद्युत विभाग में हड़कंप मच गया।

सुरदा फीडर और अमाई नगर फीडर का लाइन विभाग द्वारा सोमवार की रात 8 बजे से मंगलवार सुबह 7 बजे तक हाथियों के झुंड के विचरण करने की सूचना पर काट कर रखा गया था।

मुसाबनी प्रखंड के राखा फारेस्ट रेंज में फारेस्ट ब्लॉक पंचायत के जंगल में विगत 10 दिनों से लगभग 10 की संख्या में हाथियों का झुंड बंगाल की सीमा से इस क्षेत्र में घुसा हुआ है।

ज्ञात हो कि इसी महीने के पहले सप्ताह में चाकुलिया में भी करंट लगने से लगातार दो दिन में दो हाथियों की मौत हो गई थी।

ग्रामीणों का कहना है कि मृत हाथी को लेकर झुंड के शेष हाथियों काफी गुस्सा है। रात को तांडव मचाने की पूरी संभावना है।

डीएफओ ममता प्रियदर्शी ने कहा कि यह घटना अत्यंत ही दुखद है। यहां वन क्षेत्र में खंभे वगैरह लगाने के लिए बिजली विभाग ने संभवतः क्लियरेंस लिया ही होगा, लेकिन इस पर अब देखने के बाद ही कुछ स्पष्ट तौर पर कहा जा सकता है कि क्लियरेंस लिया गया है या नहीं।

फिलहाल बचे हुए चार हाथियों की रक्षा और मृत हाथियों का अंतिम संस्कार विभाग की प्राथमिकता है। उसके बाद इस पर गंभीरता से जांच की जाएगी।

इस घटना के बाद वन विभाग और विद्युत विभाग पर लापरवाही का आरोप लग रहा है। वन विभाग को हाथियों के विचरण क्षेत्र में बिजली के तारों की ऊंचाई बढ़ाने के लिए निर्देश दिए गए हैं।

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