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शीतकालीन सत्र में फिर से लाएगी हेमंत सरकार 1932 खतियान आधारित स्थानीय नीति

शीतकालीन सत्र में फिर से लाएगी हेमंत सरकार 1932 खतियान आधारित स्थानीय नीतिशीतकालीन सत्र में फिर से लाएगी हेमंत सरकार 1932 खतियान आधारित स्थानीय नीति
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रांची, 14 दिसंबर 2023: झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार शीतकालीन सत्र में ही फिर से 1932 खतियान आधारित स्थानीय नीति को सदन में लाएगी। 15 दिसंबर को होने वाली कैबिनेट की बैठक में सरकार इस प्रस्ताव को पास करेगी।

झामुमो विधायक सुदिव्य कुमार सोनू ने मुख्यमंत्री आवास में हुई सत्ता पक्ष के विधायकों की बैठक के बाद इस बात की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि चूंकि राज्यपाल ने अपने संदेश के साथ इसे वापस कर दिया है, इसलिए सरकार इसे पुन: सदन में लाएगी।

इससे पूर्व आज इंडिया गठबंधन दल के नेता हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सत्ता पक्ष के मंत्री और विधायकों की बैठक हुई। जिसमें शीतकालीन सत्र को रणनीति बनायी गई।

कांग्रेस विधायक दल नेता और संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि सदन में जनता के सवाल आएं, काम हो, यह प्रयास सरकार का रहेगा। सदन की कार्यवाही ठीक से चले, यह सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्ष की भी जिम्मेवारी बनती है। छोटे सत्र का सत्ता एवं विपक्ष के विधायक अधिक से अधिक उपयोग करेंगे, ऐसी उम्मीद की जाती है।

झामुमो विधायक सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि सरकार पूरी संजीदगी से जनता के लिए काम कर रही है। काम हम नहीं जनता बोल रही है। हम उम्मीद करते हैं कि अब विपक्ष को नेता प्रतिपक्ष मिल गया है। अगर विपक्ष ने शांतिपूर्ण तरीके से सदन चलाने में मदद की तो विपक्ष के हर सवाल का जवाब सरकार देगी। हम विपक्ष से सहयोग की उम्मीद करते हैं। विधि-व्यवस्था पर सरकार के पास भी भाजपा शासित राज्यों के डाटा है।

मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि विपक्ष को अगर काम नहीं दिखता है तो हम इसमें कुछ नहीं कर सकते हैं। जनता सब देख और समझ रही है। नियुक्तियों का अंबार लगा है। बहुत जल्द फिर से 8 हजार नियुक्तियां होने जा रही है। हमारी सरकार पूरी तरह से युवाओं की है, युवाओं के प्रति हमारी सरकार पूरी तरह संजीदगी से काम कर रही है। रही बात धीरज साहू कैश कांड या ईडी का तो हम सारे सवालों का जवाब सदन में देंगे।

यदि विपक्ष सुनना चाहा तो स्थानीय नीति का स्वरूप कैसा होगा, इस बार अभी बोलना उचित नहीं है। पहले यह बिल आने दें, समय के अनुसार इस पर बोला जाएगा।

शीतकालीन सत्र 15 दिसंबर से शुरू होकर 22 दिसंबर तक चलेगा। इस सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण बिल पेश करने की तैयारी में है, जिसमें 1932 खतियान आधारित स्थानीय नीति भी शामिल है।

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