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खरसावां : 1 जनवरी को किसान समागम का आयोजन, झारखंड के राज्यपाल और केंद्रीय मंत्री होंगे मुख्य अतिथि

खरसावां : 1 जनवरी को किसान समागम का आयोजन, झारखंड के राज्यपाल और केंद्रीय मंत्री होंगे मुख्य अतिथिखरसावां : 1 जनवरी को किसान समागम का आयोजन, झारखंड के राज्यपाल और केंद्रीय मंत्री होंगे मुख्य अतिथि
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Kharsawan, 30 दिसंबर 2023: झारखंड के खरसावां जिले में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा 1 जनवरी 2024 को किसान समागम का आयोजन किया जाएगा। इस समागम में कृषि मेला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाएगा।

राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन की अध्यक्षता में आयोजित होने वाले इस समागम के मुख्य अतिथि केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा होंगे।

मेले में कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों से जुड़े सरकारी विभागों, निजी संस्थानों, स्टार्टअप आदि द्वारा 100 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे। इससे मेला में आने वाले किसानों और खेती किसानी क्षेत्र से जुड़े हजारों लोगों को फायदा होगा। यह मेला ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी होगा।

मेले में झारखंड के विभिन्न जिलों में कार्यरत कृषि विज्ञान केंद्रों की भी भागीदारी सुनिश्चित की गई है। मेले में राज्य के हजारों किसान भाग लेंगे और जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित रहेंगे। विकसित भारत को ध्यान में रखते हुए किसानों के विकास एवं उत्थान के लिए भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही लाभकारी योजनाओं की जानकारी मेले में दी जाएगी।

मेले के दौरान किसानों को प्राकृतिक खेती, ड्रोन का कृषि में उपयोग तथा कृषि को उद्यम के रूप में विकसित करने सहित अन्य जानकारी भी दी जाएगी।

खेती-किसानी से जुड़े क्षेत्रों को और अधिक उन्नत व लाभप्रद बनाने के लिए इसका आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की संस्थाओं, राष्ट्रीय बीज निगम, बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, इफको, राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड, अटारी (पटना) व राज्य सरकार की विभिन्न संस्थाओं के साथ मिलकर गोंडपुर मैदान, खरसावां, झारखंड में यह वृहद आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य कृषि प्रक्रिया व उत्पादों के विभिन्न आयामों, नवीनतम कृषि-मशीनरी, कृषि-इनपुट और किसान अनुकूल प्रथाओं के अन्य पहलुओं को प्रदर्शित करना है। साथ ही मेला कृषि वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों, विस्तार कर्मियों, नीति-निर्माताओं व कृषि अधिकारियों को अपना अनुभव किसानों का बताया जाएगा।

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